
श्याम जबसे साथी बना संकट से अब हम ना डरते हैं
श्याम जबसे साथी बना संकट से अब हम ना डरते हैं,हम तो बाबा के भरोसे चलते हैं ।। टेर ।।
तर्ज – दिल जबसे टुट गया ।
खाटू वाले के भरोसे चलते हैं,इनकी ही रेहमत से परिवार हम सबके पलते हैं ।। हम तो ।।
श्याम का है सहारा वरना क्या है हमारा,लाख गहरी को नदिया श्याम देगा किनारा,मन में विस्वास है ये मेरे साथ है,लहरों की फिर भला क्या औकात है,तुफानों में दीपक इनकी कृपा से जलते हैं ।।
हम तो ।।
दुनिया चाहे सताये अपने चाहे रुलाये,घाव मुझको क्या देंगे श्याम मरहम जो लगाये,काँटों की राह पर फूल बिछ जायेंगे,महकेगा ये चमन दिन बदल जायेंगे,आँखें जो फेरे थे मिलने को अब वो तरसते हैं ।।
तुझसे दिल जो लगाया हमने धोखा ना खाया,ऊँगली तुमने पकड़ कर हमको चलना सिखाया,जैसे उगते सूरज को नमस्कार है वैसे ही अब मेरा तूं ही संसार है,चमके वही दुनियां में जिस पर कृपा ये करते हैं ।।
लिरिक्स – सूरज शर्मा जी
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