
श्याम बिहारी ओ बनवारी
श्याम बिहारी ओ बनवारी ,जीवन धन घनश्याम प्रभु अब आ जाओ,
खड्यो पुकारू अरज गुजारु,मेरो जरा सो काम
प्रभु अब आ जाओ.......
आज्या आज्या सांवरिया क्यू कर राखी देरी हे,
तेरे सु छानी कोणी जो भी हालत मेरी हे,
दीनबंधु दिनन हितकारी,दयानिधि थारो नाम
पेल्या तो आया करतो,पल की ना करतो देरी,
अब काई घाटों पड़गो,जद आई मेरी बेरी,
में तो ठाडो मेरो गाडो,आन सम्भालो श्याम
नरसी के थारो काको,जेको काज स्वारयो थो,
राधा रुक्मण ले सागे भात भरण ने जा रयो थो,
अब के घाटों,मतना नाटो दाता थारो नाम
मांगू याद करे थाने,अब क्यू देर लगावे हे,
अब तो खोलो आंखड़ल्या नित थारा गुण गावे हे,
मन्नू बोलो पलका खोलो,मने ना दूजो ठाव,
भजन रचियता :मांगेलाल महमिया झुंझुनू
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