
संकट मोचक तेरा संकट हरेंगें
संकट मोचक तेरा संकट हरेंगें,
तू क्यूं होवे उदास,
संकट घड़ी विकट बड़ी है ,
तो आजा बाला जी के पास,
राम सिया के अति प्रिय हैं,
उनसे यह वर पाया है,
सदा बिगड़ी बनाई है उसकी,
जिसने सिया राम गुण गाया है,
तू भी गाले राम धुनि,
और बन जा उनका खास,
तिलक भाल पर देह सिंदूरी,
ओढा राम नाम का चोला है,
सदा होकर रहें हैं उसके,
जिसने नाम राम का बोला है,
तू भी जपले नाम राम का,
पूरी करले मन की आस,
बजरंगबली करते सबकी भली,
संकट सारे हर लेते हैं,
जो आए चरण में रहे शरण में,
उसको सुखों का वर देते हैं,
तू भी आजा होगा राजीव तेरे,
कष्टों का भी नाश,
© राजीव त्यागी नजफगढ़ नई दिल्ली
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