
सबकी नैया पार लगाए बजरंगी
सबकी बिगड़ी को बनाए बजरंगी,
सबकी नैया पार लगाए बजरंगी,
बजरंगी बाबा बजरंगी,
सीता जी को छल से हरकत लंकापति इतराया,
भरी सभा में तुमने रावण का था मान घटाया,
वह सीता की खबर लाए बजरंगी,
लंका सोने की जला आय बजरंगी,
लक्ष्मण जी ने सख्ती खाकर अपने होश गवाए,
रामा दल में रुदन हुआ बजरंगी आगे आए,
देखो पर्वत हाथ उठाए बजरंगी,
पहरा द्वार पर लगाए बजरंगी,
ऐसा देव ना देखा हमने सबका साथ निभाए,
सारे देवी देवता इनको अपने साथ बैठाए,
बाबा श्याम ने बुलाए बजरंगी,
दाता तेरी शरण में आए तेरी महिमा न्यारी,
कृपा तुम्हारी पानी आए हे शिव के अवतारी,
हम तो तुमको ही ध्याए बजरंगी,
सदा गुण तेरे ही गाय बजरंगी,
श्री राम की सेवा करने को अवतार लिया है,
सियाराम की सुंदर जोड़ी उर में धार लिया है,
सीना फाड़ के दिखाए बजरंगी,
नहीं जरा घबराए बजरंगी,
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