
सवारियां मन मोहना
तेरी झुलफो पे जाओ बलिहार सावरिया मनमोहना,
तेरी नजरो में जादू हज़ार सवारियां मन मोहना,
जब मेरी तुमसे नजरियां लढ़ गईं, मुजमे अजब सी मस्ती चढ़ गई,
मैं तो नाचू बीच बाजार सवारियां मन मोहना,
तेरी झुलफो पे जाओ बलिहार......
मुझको अब कुछ और ना भावे,
हर पल तेरी याद सातवे,
ओथे रह रह वी रहता जवा सावरिया मनमोहना
तुमने मुझको बहुत सताया,
नींद हारी मेरी चैन चुराया,
मेरा छूट गया घर बार सावरिया मनमोहना
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