
सवारे रसिया से हो गई अपनी यारी लागे बड़ी प्यारी
सवारे रसिया से हो गई अपनी यारी,
हो गई अपनी यारी, लागे बड़ी प्यारी
ये रसिया मोहे लागो प्यारो,
तीन लोक से यह है नयारो,
इनमे बसी बंकि सूरत मैं भी जाऊ बलिहारी,
यह रिश्ता नित सपने में आवे,
मीठी मीठी बतिये सुनावे,
जब यादो में पकड़न लगाई,
खुल गई आंख हमारी,
यह रसिया मेरो माखन चुरावे,
कुछ खावे ग्वालो को खिलावे,
इसने मेरा सब कुछ लुटा,
मेरा कुछ ना छोड़ा,
तन के उपर वारी आंखे,
लागे शवि बड़ी प्यारी प्यारी,
ब्रज में बंसी सूरत की,
डाल पर झूला डाला मुरारी तेरे लिए
तेरे परां नाल उड़े जाने आ नहिते साणु सोन जाणदा
मेरे सपनो में आते है श्याम सुन्दर राधा के पिया
वे श्याम कुंडला वालिया दिल तेरे बगैर नाहियो लगदा
ऐना अखियाँ च मोहन वसा रखेया ऐ
आओ मिलके विचार करे पहले हम आप सुधरे
देखा करो ना सांवरे हमको यूँ प्यार से हम तो हुए
दया करो मेरे श्याम किरपा करो मेरे श्याम थक से गए
आओ नन्द नंदन हे चितचोर मुरली मनोहर नवल किशोर
मेरे रोम रोम में श्याम मगन मैं नाचूँगी
जब से तुम संग लो लगाई में बड़ी मस्ती में हूँ
मैं तो हो गयी रे श्याम की दीवानी जोगन बन नाचूंगी
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