
सांसो की माला पे,
सिमरु मै शिव का नाम ।।
अब तो दुनियादारी से है,
मेरा क्या काम ।।
शिव के रंग में ऐसी डूबा,
बन गया एक ही रूप ।
शिव की माला जपते जपते,
हो गयी सुबह शाम ।।
शिवजी मेरे दिल में बसे है,
संग रहे दिन रात ।
अपने मन की मै जानू,
सब के मन की राम ।।
शिवजी मेरे अंतरयामी,
शिवजी मेरे स्वामी ।
शिवजी के चरणों में अर्पण,
ये जीवन तमाम ।।
प्रेम पियाला जबसे पिया है,
जी का है ये हाल ।
अंगारों पे नींद आ जाए,
और कांटो पे आराम ।।
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