
साथ छूटेगा कैसे,
मेरा आपका,
जब मेरा दिल ही घर,
बन गया आपका,
आप आए बड़ी,
उम्र है आपकी,
बस अभी नाम मैंने,
लिया आपका,
डर है मुझको न बदनाम,
कर दे कहीं,
इस तरह प्यार से,
देखना आपका,
आपकी एक नजर,
कर गई क्या असर,
मेरा दिल था मेरा,
हो गया आपका,
स्वर – श्री अंकुश जी महाराज।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
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