
सारे विकारो से तू मुझको
सारे विकारो से तू मुझको दूर कर दे बाबा ।
निर्मल रूप दे कर मुझको करदे आबाद रे बाबा
करदे आबाद रे बाबा ।।
मैं तो सदा ही अकेला जगमे भटक रहा हु ।
तेरी शरण में आया हु मैं अर्ज ये सुनले बाबा ।।
तेरे भरोसे अपना जीवन बिता रहा हु ।
मुझको गले लगा कर तू तो मुझसे निभा ले बाबा ।।
तेरे बिना इस भव सागर में पार नहीं रे बाबा ।
सपने संजोये जो भी मैंने करदे साकार तू बाबा ।।
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