
सालासर में जिसका आना जाना हो गया,
वो ही मेरे बाबा का दीवाना हो गया,
सचे दरबार में जो मन से आ गया,
बाला जी का भक्त वो निराला हो गया
जाके दरबार में जो शीश जुकाते है,
बाला जी दयालु उन्हें गले से लगाते है,
जिसका मेरे बाबा से याराना हो गया,
प्यार का खजाना बाला जी भरपूर है,
प्रेम को लुटाने में ये बड़े मशहूर है,
जो भी इससे जाना पहचाना हो गया,
इक वो ज़माना था थॉर न ठिकाना था,
मुझे आते देख आँखे फेर था ज़माना था,
किस्मत बुलंद रातो रात हो गई,
सारे कहते है की करा मात हो गई,
जबसे तेरी मेरी मुलाक़ात हो गई
बाबा के दीवाने की तो बात निराली है,
बाबा किरपा से तो उनकी दिवाली है,
जिनका उनके चरणों में ठिकाना हो गया ,
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