
सुनी है गोकुल नगरिया आजा आजा साँवरिया हिंदी
सुनी है गोकुल नगरिया,
आजा आजा साँवरिया।।
श्लोक
बन बन की बणो,
वृन्दावन माणिक बनो,
भँवर करे गुंजार,
दुल्हन प्यारी श्री राधिका,
दूल्हा नवल कुमार।
सुनी है गोकुळ नगरिया,
बरसाने में रसिक बुलाये,
ग्वाल बाल सब जुल मिल आये,
सखियाँ देखे डगरिया,
ऐसी प्रीत लगी मन मोहन,
तेरे बिन सखी हो गई जोगन,
ढूंढे नगर और नगरिया,
वृन्दावन के तुम हो राजा,
भक्तो को अब दरश दिखा जा,
आके बजा जा मुरलिया,
ब्रज नगरी की सब नर नारी,
देखे “तिवारी” रस्ता तिहारी,
तुझको ढूंढे गुजरिया,
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