
हम आईल तोहरी दुअरिया हो, दिलवा में आस लग गइल,
कहवाँ जाई छोड़ के मंदिरवा हो, दिलवा में आस लग गइल,
तोहें हमर गाँवां लोग के एगो महतारी ह,
तोहरी महिमा मैया बड़ भारी ह,
सब आबे तोहरी दुअरिया हो, दिलवा में आस लग गइल,
सुनलये मैया तोंहे मरल जिंदा कयेलु,
माँग के सिन्दुर अबला नारी के लोटेलु,
रोवत रोवत अइली तोर मंदिरवा हो,दिलवा में आस लग गइल,
दिलवा में आस लेके, ऐगो नारी अइली,
अपन श्रृंगार मैया तोरा के अर्पण कइली,
सुनीलेलो उनकर पुकरिया हो, सुहागन बना गइल,
हम सब आस लेके , आइली तोर दुअरिया,
हम सब के असरा, पूरेहियो तु मैया,
गावेल डबलू तोर भजनवा हो ,दिलवा में आस लग गइल,
जय माँ काली
प्रभाकर कुमार (डबलू)
सोहजना, गिद्वौर , जमुई
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