
हम उस देश के वासी है
होठों पे सच्चाई रहती है,
जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है,
हम उस देश के वासी हैं,
जिस देश में गंगा बहती है।।
मेहमां जो हमारा होता है,
वो जान से प्यारा होता है,
ज़्यादा की नहीं लालच हमको,
थोड़े में गुज़ारा होता है ।।
बच्चों के लिये जो धरती माँ,
सदियों से सभी कुछ सहती है,
कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं,
इन्सान को कम पहचानते हैं,
ये पूरब है पूरब वाले,
हर जान की कीमत जानते हैं ।।
मिल जुल के रहो और प्यार करो,
एक चीज़ यही जो रहती है,
जो जिससे मिला सिखा हमने,
गैरों को भी अपनाया हमने,
मतलब के लिये अंधे होकर,
रोटी को नही पूजा हमने ।।
अब हम तो क्या सारी दुनिया,
सारी दुनिया से कहती है,
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