
हरि का नाम अमृत है हमें पीना नहीं आता,
हमें पीना नहीं आता हमें पीना नहीं आता,
हरि का नाम अमृत है....
मानुष अनमोल चोले को तरसते देवता भी हैं,
प्रभु ने जिंदगी दी है हमें जीना नहीं आता,
कमाई बाप की करते नहीं संतोष जीवन में,
बचाते हैं हरि हमको हमें बचना नहीं आता,
बहुत उपदेश देते हैं सुधरती है नहीं दुनिया,
हमें कहना तो आता है मगर करना नहीं आता,
जरा सोचो जरा समझो जरा मन में विचार हो तुम,
भटकना होगा नहीं जग में शरण में हरी कि तू आजा,
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