
हाँ रे आखिर मरनो रे साँवरिया वालो सुमिरन करनो रे
हाँ रे आखिर मरनो रे,
साँवरिया वालो सुमिरन करनो रे,
आखिर मरनो रे।।
माता पिता सुत बंधु पोती,
सब यही रह जावे रे,
हा माता पिता सुत बंधु पोती,
अंत समय एकलडो जासी,
ए किनरो शरनो रे,
मोह माया मे फसकर बन्दे,
व्यर्थ जमारो खोयो रे,
ए अंत समय रोवन बैठो,
ए अंत समय रोवन ने बैठो,
अरे जमसु डरनो रे,
साधु संत री सेवा करनी,
दया धर्म मन रखनो रे,
हा साधु संत री सेवा करनी,
अरे सुकरत काम करो मेरे बन्दे,
सुकरत काम करो मेरे बन्दे,
अरे मनडो हरनो रे,
आयो थो सुकरत रे कारण,
अरे पाप घनेरो किदो रे,
अरे पाप किया परले मे जासी,
पाप किया परले मे जासी,
अरे नरका गिरनो रे,
अरे राजारामजी केवे दाता,
किनविद पार उतरनो रे,
हा राजेश्वर केवे दाता,
अरे राम नाम हिरदे मे राखो,
राम नाम हिरदे मे राखो,
अरे जिनसु तिरनो रे,
गायक – मोईनुद्दीन मनचला जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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