
हाथ में सोना रो चुटीयो,
पुरबजी रमता आवे रे,
बिठुडा रा गाँव माय,
घूगरीया घमकावे रे,
अरे भायल परिवार थाने मनावे,
ए धूप धूपेडा करो आरती,
गंगा रो नीर चढावु रे,
अरे धूप धूपेडा करो आरती,
नावनीया मिस बावजी,
वेगा वेगा आवो रे,
अरे नावनीये मिस बावजी,
अरे घोडले घमके मारा,
पुरब रमता आवे ओ।।
अरे पुरब देवता थाने बुलावा,
अरे थे वेगा वेगा आवो ओ,
थे वेगा वेगा आवो ओ,
अरे नेमारामजी अर्ज सुनावे,
आंगनीये मारेे आवो ओ,
अरे घोडले घमके रे,
अरे फुलडा री करा सेवरा,
अरे फुलडा री करा हेवरा,
ओ थाने आज चढावा ओ,
आपरा जागन मे थोरा,
गीतडला सुनावो ओ,
अरे आप रा जागन मे थोरा,
अरे घोडले घमके रे मारा,
अरे मीठो घणो लागे माने,
प्यारो घणो लागे ओ,
अरे पुरबजी रो नाम माने,
मीठो घणो लागे।।
अरे पुरबजी रा काका,
भाबा पुरबजी रा छोकरा,
दादा दादी मायड बाप,
पुरबजी रा डोकरा,
अरे हिलमिल रेवा मेतो,
पुरबजी रे आगे ओ,
पुरबजी रो नाम माने,
मीठो घणो लागे ओ।।
अरे नेमारामजी थाने बुलावे,
रमता रमता आजो रे,
अरे भायल परिवार माय,
अरे घोडला री असवारी मारा,
अरे पुरबजी री महिमा गावु,
पुरबजी री किरती,
अरे अपना घर माय,
पुरबजी री मूर्ति,
अरे शंकर केवे पुरब बाबा,
वेगा वेगा आजो ओ,
अरे पुरबजी रो नाम,
माने मीठो घणो लागे ओ।।
गायक – शंकर टाक जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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