
हीरा मोत्या सू जड़योड़ी ल्याया लाल चुनरी राणीसती दादी भजन
हीरा मोत्या सू जड़योड़ी,
ल्याया लाल चुनरी,
जाने ओढ्या दादी लागसी,
तु आज बनङी,
तर्ज – शीश पे लगादे थारी मोरछङी।
लाल कसुमल दादी,
घणी मन मोहणी,
ओढके देखो थारे,
लागसी या सोवणी,
सारी दुनिया में करेगी,
या धमाल चुनरी,
जयपुर को माँ,
पोत है भारी,
ई चुनरी न निरखे,
दुनिया या सारी,
देख्या मन हरसावे,
या कमाल चुनरी,
ई चुनरी की दादी,
बात निराली,
चमके ज्यू,
सूरज की लाली,
भक्ति भाव सू भरियोङी,
बेमिसाल चुनरी,
चुनरी ओढ के,
माँ मुस्काई,
‘नम्रता’ या चुनरी,
म्हारे मन भाई,
‘योगी’ सगला न करेगी,
या निहाल चुनरी,
स्वर – नम्रता कारवा।
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