
हेली धिन घड़ी धिन भाग,
सतगुरु सा आया पावणा।।
दोहा – लाख कोस सतगुरु बसे,
सुरति देवो पटाय,
तुरीय शब्द असवार हैं,
पल आवे छिन जाय।
सतगुरु घर कब आवसी ओ,
ज्यारी जोवाँ बाट,
नैण झरे हियो ऊमके रे,
ऊबी उड़ाऊ मैं काग,
सतगुरु आया बाग में,
सूखा हरिया होय,
फूलों री फूलमाल गले में,
बाजे हैं जंगी ढोल,
सतगुरु आया पोलिया,
लेवण बधावो जाय,
हरख उतारूँ आरती,
सैया मंगल गाय,
सतगुरु आया चोक में,
गादी पिलंग ढलाय,
चरण खोल चरणामृत लेवां,
जन्म सफल होय जाय,
सतगुरु मुख से बोलिया,
मीठा वचन सुणाय,
बाई अमना री विनती,
बिछड़ियोडा हंस मिलाय,
स्वर – सन्त चुकी बाई जी।
प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
आकाशवाणी सिंगर।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



