
हे माँ मती दे और भले कुछ दे न दे
आँखों में शुभ दर्शन पाऊ मैं
तेरा रूप निहारु
धर्म जगा दे बरमचारनी हे नंदा हा नन्द सवरूपनी
धारनी बैर जगा दे और भले कुछ दे न दे
परमारथ का अर्थ दिलाना ये अधारा पार लगाना,
लोकनी लाज बचा दे और भले कुछ दे न दे
जीवत मुक्ति का वर देना मोकश धमे धातु बन आना,
आनंद धन बरसादे और भले कुछ दे न दे
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




