
ताल से ताल मिले मोरे बबुआ..
बाजे ढोल मृदंग..
मन से मन का मेल जो हो तो..
रंग से मिल जाए रंग
हो.. होरी खेले रघुवीरा
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
अरे
हाँ हिलमिल आवे लोग लुगाई
हिलमिल आवे लोग लुगाई
भाई महलन में भीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा
अरे होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
होली है..
तनिक शर्म नहीं आये देखे नाहीं अपनी उमरिया
हो साठ बरस में इश्क लड़ाए
साठ बरस में इश्क लड़ाए
मुखड़े पे रंग लगाए, बड़ा रंगीला सांवरिया
चुनरी पे डारे अबीरा अवध में
होरी खेरे रघुवीरा
अरे चुनरी पे डारे अबीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा होली है..
हे.. अब के फाग मोसे खेलो ना होरी
हाँ हाँ ना खेलब ना खेलब
तोरी शपथ मैं उमरिया की थोरी
हाय हाय हाय चाचा
देखे है ऊपर से, झांके नहीं अन्दर सजनिया
उम्र चढ़ी है दिल तो जवां है
उम्र चढ़ी है भैया दिल तो जवां है
बांहों में भरके मुझे ज़रा झनका दे पैंजनिया
साँची कहे है कबीरा अवध में
अरे साँची कहे है कबीरा अवध में
अरे, होरी खेले रघु
अवध में होरी खेले रघुवीरा
अरे भैया होरी खेले, रघुवीरा अवध में
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