
सुन लै बृषभान किशोरी,जो मोते ना खेली होरी
तो तेरी मेरी कट्टी हो जाएगी
सुन तेरी मेरी कट्टी हो जाएगी
तू सुन लै नन्द किशोरी,जो मोते करी बर जोरी
तो तेरी मेरी कट्टी है जायगी
मौसम आया मतवाला है, तू बरसाने की वाला है
मैं गोरी हूँ तू काला है क्यों करता गड़बड़ झाला है
मैं लायो रंग कमोरी, जो मोते ना खेली होरी
मैंने ओड़ी नई चुनरिया है, मत रंग डारे साँवरिया है
सुन के है जाये वाबरिया है, मेरी बाजे जब बाँसुरिया है
मेरे संग नाये सखियाँ मोरी, जो तूने करी बरजोरी
मैंने केसरी रंग घुलवायो है, होली में मन तोपे आयो है
मोये मतना समझ अनाड़ी रे, तेरी जानूं सब हुशियारी रे
तोते बंधी प्रेम की डोरी, जो मोते ना खेली होरी
तू सुन लै नन्द किशोरी,जो मोते कॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
बम बम, डम डम
डडम-डम-डडम डडम-डम-डडम, डमरू बाजे
बबम-बम-बबम बबम-बम-बबम, भोला नाचे
डडम-डम-डडम, डमरू बाजे
बबम-बम-बबम, भोला नाचे
डमरू बाजे, भोला नाचे
होली खेलै मसाने में
काशी में खेलै, घाट में खेलै
खेलै औघड़ मसाने में
तन में भष्म लगाए शंकर
वेश बड़ा अडभंगा है
माथे पर चंद्रमा विराजे
जटा में सोहे गंगा रे
खोल दिया है नयन तीसरा
कामदेव को जलवे रे
बबम-बम-बबम बम भोले
अरी नाग से खेले, जय भोले
अरी राख से खेले, जय भोले
अरी भष्म से खेले, जय भोले
अरी भूत से खेले, जय भोले
अरी रेत से खेले, जय भोले
अरी प्रेत से खेले, जय भोले
अरी भंग से खेले, जय भोले
अरी रंग से खेले, जय भोले
अरी भंग से खेले
अरी रंग से खेले
जय हो, जय हो
जय भोले
भंगिया पीवै भोला शंकर
धतूरा तो री खावै रे
चौसठ योगिनी नाचै झूमे
डम डम डमरू बजावै रे
मसान से राख से खेलै होली
धूम माचवे मसाने में
भूत प्रेत परिवार बजेकर
गोजर बिच्छू कीरा रे
जब हलाचल पीये बाबा
मन में राखे धीरा रे
गरवा में मुंड माल लपेटे
भूतवन संगे मसाने में
होली खेलै मसाने मेंरी बर जोरी
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