
भगवान
मंदिर
पर्व त्यौहार
आरती
श्रेणी
भजन
कथा
मंत्र
चालीसा
कहानियाँ
स्टोरी
आज शुक्रवार है माँ संतोषी का वार हैजीवन के इस युद शेत्र में रक्षा की दीवार है,माँ लक्ष्मी जी का महा मंत्र : महालक्ष्मी मंत्रभगतो की रक्षा करने को माँ धरती पे आई है,जिस ने भी इस माँ को पुकारा दोडी दोडी आई है,ऐसा इसका प्यार है माँ संतोषी का वार हैजीवन के इस युद शेत्र में रक्षा की दीवार है,बड़ी दयालु अति किरपालु संतोषी वरदानी माँपल में भाग पलट के रखते जग जगनी कल्याणी माँऐसे ये दातार है माँ संतोषी का वार हैजीवन के इस युद शेत्र में रक्षा की दीवार है,माँ सन्तोषी जी की आरती : सन्तोषी माता आरतीजो भी आये शरण में इसकी सब को गले लगाती हैबिन मांगे ही माँ संतोषी धन भेव्भ बरसाती हैसुन टी करून पुकार है माँ संतोषी का वार हैजीवन के इस युद शेत्र में रक्षा की दीवार है,
और भी मनमोहक भजन, आरती, वंदना, चालीसा, स्तुति :-
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की
करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं
यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ
मदद करो संतोषी माता
जय सन्तोषी माता आरती
सांवरे तू वादा कर
खाटू ना आऊँ तो जी घबराता है
खाटू ना छूटे बाबा
अगर आपको यह भजन अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अन्य लोगो तक साझा करें एवं किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए कमेंट करें।
अगर आपको यह भजन अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अन्य लोगो तक साझा करें।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
