
निश्छल प्रेम की देवी हो जीने का आधार है माँ
माँ की ममता अतुलनीय इस जीवन का सार है माँ
गर ना गया तू मंदिर में देखे ना चारो धाम
चरणों में माँ के जन्नत है कर ले उन्हें प्रणाम
सृष्टि की सबसे प्यारी रचना तुम्ही हो माँ
दुनिया में बेसकीमिती गहना तुम्ही हो माँ
दुनिया में बेसकीमती गहना तुम्ही हो माँ
ऐसी ना भोर आये आये ना ऐसी शाम
जिस दिन किसी के होठो पे आये ना माँ का नाम
तुझसे मिला सभी को अच्छे बुरे का ज्ञान
पाओगे अपने पास करो जब भी माँ का ध्यान
सो जाते सुनके तेरी लोरी मीठी की तान
तेरी कृपा से बनते है हर घर के बिगड़े काम
चाहे सुख पाऊँ मैं
माँ लक्ष्मी जी की आरती
जरा देर ठहरो राम
कीर्तन करो जवानी में
बलमुआ के गाँव रे
जहां ले चलोगे वहीं मैं चलूंगा
कुबेर धन प्राप्ति मंत्र
कुबेर अष्टलक्ष्मी मंत्र
स्वस्ति वाचन मंत्र
आज धनतेरस का पवन दिन
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