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भर दे रे श्याम झोली भर दे Bhar De Re Shyam Jholi Bhar De

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॥ श्री ॥

भर दे रे श्याम झोली भर दे भर दे

ना बहलाओ बातों में

हो.. दिन बीते बीती रातें अपनी कितनी हुई रे मुलाकाते

दिन बीते बीती रातें अपनी कितनी हुई रे मुलाकाते

तुझे जाना पहचाना तेरे झुठे हुए रे सारे वादे

भूले रे श्याम तुम तो भूले भूले

क्या रखा हैं वादों में

नादान हैं अंजान हैं श्याम तू ही मेरा भगवान हैं

तुझे चाहु तुझे पाऊ मेरे दिल का यही अरमान हैं

पढ़ ले रे श्याम दिल की पढ़ ले

सब लिख है आँखों में

हो.. मेरी नैया ओ कन्हियाँ पार कर दे तू बनके खिवैया

मेरी नैया ओ कन्हियाँ पार कर दे तू बनके खिवैया

मैं तो हारा गम के मारा आजा आजा ओ बंसी बजाइयाँ

लेले रे श्याम अब तो लेले लेले

मेरे हाथ हाथो में

तू है मेरा मैं हु तेरा मैंने डाला तेरे दर पे डेरा

मुझे आस है विश्वाश है श्याम भर देगा दामन तू मेरा

झूमे रे श्याम नंदू झूमे झूमे

झूमे तेरी ही बाहो में

हो भर दे रे श्याम झोली भर दे भर दे

मुझे अपने ही रंग में रंगले मेरे यार सांवरे

चलो रे मन श्री वृंदावन धाम

कन्हैया मेरी जान जा रही

तुम हमारे हो प्रभुजी

अच्युतं केशवं कृष्ण दामोदरं

मनिहारी का भेष बनाया

एक बार हमसे साँवरे नजरे मिलाइए

जरी की पगड़ी बांधे

राधे राधे जपा करो

इस रज में मैं खो जाऊँ

राधे राधे श्याम

कोई जाये जो वृन्दावन

राधा के सांवरे

कर्मण्येवाधिकारस्ते

भज गोविन्दम्

श्री हरि स्तोत्रम्

कितना प्यारा है श्रृंगार

श्री गोवर्धन महाराज

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी

बनवारी रे जीने का सहारा तेरा नाम रे

फूलों में सज रहे हैं

राधे राधे

मैं आरती तेरी गाऊं

एक राधा एक मीरा

श्री जगन्नाथ आरती

मैं तो आई वृन्दावन धाम

श्रीकृष्ण शरणाष्टक

तुझसा दयालु नहीं प्यारे

दुनिया से मैं हारा

मेरा आपकी कृपा से

पकड़ लो हाथ बनवारी

तेरा संकट सारा हर लेंगे

जय जय राधा रमन हरि बोल

कीर्तन की है रात

हे विष्णु विधाता

सांवरे को दिल में बसाकर तो देखो

हरे कृष्णा हरे रामा

मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो

मन बसिया

जिस के घर में खाटू वाले की

यशोमती मैया से बोले नंदलाला

छाप तिलक सब छीनी रे

सजा दो घर को गुलशन सा

कन्हैया वे

नाम है तेरा तारण हारा

श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्रम्

हे श्याम ध्वजा बंदधारी

मन में बसा कर तेरी मूर्ति

आरती भानु दुलारी की

कौन कहते हे भगवान आते नहीं

इतना तो करना स्वामी

गिर गया जमुना जल में

तृष्णा ना जाये मन से

उस बाँसुरी वाले की

तू विश्वास कर

ओ कान्हा अब तो मुरली की

जिसने बोला राधे राधे उसको श्याम मिला

गोविन्द भजले

हे नाथ नारायण वासुदेवा

मेरी लाज रखना मेरी लाज रखना

॥ जय हो ॥

हिंदी · Read on Bhajan Baan

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

भर दे रे श्याम झोली भर दे Bhar De Re Shyam Jholi Bhar De Lyrics is a bhajan dedicated to Krishna Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Bhar de re shyaam jholii bhar de bhar de", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

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