
भुवन कहाँ वो मैया , बसत कहाँ,
हंसा चाल मृग नैन, लाड़ली के भुवन कहाँ ।।
मैया के द्वारे एक अंधा पुकारे – 2
दियो नैन घर ना अपने – 2 ।। हंसा चाल मृग ।।
मैया के द्वारे एक लंगड़ा पुकारे – 2
दियो पैर घर ना अपने – 2 ।। हंसा चाल मृग ।।
मैया के द्वारे एक कोढ़ी पुकारे – 2
दियो रूप घर जा अपने – 2 ।। हंसा चाल मृग ।।
मैया के द्वारे एक बांझ पुकारे – 2
दियो पुत्र घर जा अपने – 2 ।। हंसा चाल मृग ।।
सुमर सुमर मैया तेरो जस गाये ,
रखियो चरण चितलाए – 2 ।। हंसा चाल मृग ।।
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