
छपरा छठ मनाएंगे Chhapra Chhat Manayenge
छठ घाटे चली
करा तानी पहिला बरतिया
छठी माई के करब बरतिया
सवा लाख के साडी भीजे
ऊगी सुरुज देव दीहीं दर्शनवा
छठी मैया आई न दुआरिया
नदिया के तीरे-तीरे
हो दीनानाथ
काँच ही बांस के बहंगीया
केलवा के पात पर
पहिले पहिल
आदित मनाईल
उगह हे सूरज देव
जय छठी मैया
जोड़े जोड़े फलवा सुरुज देव
छपरा छठ मनाएंगे
छठी मईया के परब आया इनहु के साथे ले जायेंगे
ठीक है
हावड़ा से चल के आएंगे छपरा छठ मनाएंगे
पहिला परब उठाएंगे छपरा छठ मनाएंगे
घाटे बेदी बांध देहब चननी भी तान देहब
हर हर ऊख जाके खेतवा से आन देहब
थाली में पिसान लेहब हमही आटा सान देहब
हाथ जर जाई इनकार ठेकुआ भी छान देहब
नया नया शादी किये है इनको ना ढेर खटाएंगे
फल गिन गिन लेहब कपड़ा रंगीन लेहब
जाड़ा लागी इनका के सुईटर साल किन देहब
सब कुछ लिख लेहब मांगना में भीख लेहब
पियरी ना पेन्हे आयी मउसा से सिख लेहब
बड़ा बाजार के पियरी साड़ी इनको हम पहिनायेंगे
पूजब सर झुकाई के अपना छठी माई के
जिंदगी संवर गईल अईसन मेहर पाई के
आजाद होसियार बाड़े बड़ा जानकार बाड़े
सोनू श्याम देहाती संगे लेले परिवार बाड़े
प्यारेलाल खेसारी आशीष से हमहू अरघ दिलवाएंगे
हावड़ा से चल के आएंगे छपरा मे छठ
लफड़ा हुआ तो झुक जायेंगे पूरा पब्लिक को समझायेंगे
हे हे हे हे लेकिन छठ गउवे मनाएंगे
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