
Darbar Tera Baba Jannat Ka Nazara Hai
तेरा दर तो हकीकत में
दुखियों का सहारा है
दरबार तेरा बाबा
जन्नत का नजारा है
बिगड़ी हुई तकदीरें
पल भर में बनाते हो
अब लाज रखो बाबा
हमें तेरा सहारा है
टूटी हुई कश्ती है
और दूर किनारा है
अब पार करो नैया
भक्तो ने पुकारा है
जिसने भी पुकारा है
दौड़े चले आते हो
तेरे दर के ही टुकडो पर
हम सब का गुजारा है
दुःख दर्द के मारे यहाँ
सुख चैन वही पाते हैं
जिन पे तेरा इशारा है
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