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Devi Bhajan Archives

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॥ श्री ॥

माता जिनको याद करे वोह लोग निराले होते हैं.माता जिनको नाम पुकारे किस्मत वाले होते हैं.चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है – ४.जय माता दी ऊँचे पर्वत पे रानी माँ ने दरबार लगाया है,चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया हैजय माता दी सारे जग में एक ठिकाना सरे गम के मरो कारास्ता ...

जय हो राजेश्वरी माता कैला देवी की जाईठुमका नार के नाच झोटा डाल के नाचेमाँ के द्वार पे जोगनिया घुघरू बाँध के नाचेलंगूर को भी नाचने की धुन चढ़ गयीवो भी बड़ी ज़ोर से लगा है नाचनेमैया के भवन पे बाज रहे ढोलमैया के भगत बड़े नाचे ज़ोर ज़ोर।।

कैला देवी दर्शन को यात्रा चलीभक्तो ...

मेरे हाथो की लकीरो का तमाशा क्या मैं जानूमानु मैया मैं तो तुम को ही मानुलाया न मैं कोई नजराना किसा अजीब हैमांगने को हाथ भी नहीं है, बंदा गरीब है।।

जिस रात की न हो सुबह वो रात मैया मेरी जिंदगी,जिस बात का न हो कोई मतलब वो बात मैया मेरी जिंदगी,जीना ठोकरों में ...

गा के मनाऊ या नच के मनाऊ,बोल मेरी मैया तुझे कैसे मनाऊ,ताली बजाऊ या ठुमका लगाऊ,बोल मेरी मैया तुझे कैसे मनाऊ।।

तू जो कहे तेरा मंदिर बनाऊजैसे कहे तो तेरा बांग्ला सजाऊ,पर ऊंचा पर्वत कहा से मैं लाऊ अरे,बोल मेरी मैया तुझे कैसे मनाऊ।।

तेरी सवारी को थोड़ा मनाऊ,बाकी जो चाहे वो भी मैं लाऊ,पर ...

तेरे जैसी ओ मेरी माँनहीं कोई दूजा यहाँममता मयी तुझसादेखा ना किसी से सुना ।।

तू प्यार का समुंदरकरुना की बहती धारादेवी दया की हो तुमनिर्बल की हो सहारा।।

चरणों में आके झुकतेतेरे आगे दोनों जहाँतेरे जैसी ओ मेरी माँनहीं कोई ...

जय माता दी जय माता दीदुखियो के दुखड़े मिटाने सोए सोए भाग जगानेबैठी खोल के दया के भंडार माँ जैसा कोई नहीसिफ़त करे संसार माँ जैसा कोई नही।।

कोई जपे माँ काली की पूजे महाजवालामाता चिंतापुरानी ने सब चिंता को टालातरनहार के रूप है हज़ार मा जैसा कोई नहींबैठी खोल के दया के भंडार।।

झोपड़ी ...

करेगी पुरे सपने वो तेरे भी भैया,तू भजले ओ प्यारे जय संतोषी मैया।।

शुक्र वार सोला व्रत जो करे है,हर इक ईशा माँ पूरी करे है,खुशियों से माँ तो झोली भरे हैतेरे मेरे जीवन की वो है खिवैया,तू भजले ओ प्यारे जय संतोषी मैया।।

खट्टी इमली खट्टा फल माँ संतोषी ना भाये,तुम भी इनको ध्यान ...

॥ जय हो ॥

हिंदी · Read on Bhajan Baan

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

Devi Bhajan Archives is a bhajan dedicated to Durga Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Maataa jinako yaad kare voh log niraale hote hainmaataa jinako naam pukaare kismat vaale hote hainchalo bulaav", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

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