
सुग्रीव बोले वानरों तत्काल तुम जाओ
श्री जानकी मैया का पता मिलके लगाओ
अरे होकर निराश तूम जो मेरे पास आओगे
ये सुनलो कान खोल के सब मारे जाओगे
ये हुकुम सुनके चल पड़ी सुग्रीव की पल्टन
सब खोज डाले एक एक जंगल पहाड़ वन
माता को खोज नहीं पायें जब यो बेचारे
माँ अंजनी के लाल को सब मिलके पुकारे
हे वीर वर हनुमान अब शंकट से छुडाओ
हम सब शरण हैं आपकी अब लाज बचाओ
उठो हे महावीर, उठो हे महावीर नहीं देर लगाओ
श्री जानकी मैया का पता जाके लगाओ
ये सुनके गरज कर
अरे ये सुनके गरज कर उठे
जब वीर वर हनुमान
थर्रा गयी जमी कांप उठा आसमान
वीरों के भी शिरोमणि
बलवान जब चले
हनुमान जब चले
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