
इतनी शक्ति हमें देना दाता
तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो
एक तू ही भरोसा
नेकी की राह
सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु
तुम प्रेम हो
सुख करता दुःख हरता कारता विग्नाची
ओ पालनहारे
करतार जी
ईश्वर का वो सच्चा बंदा
बुरा जो देखन मैं चला
मानो तो मैं गंगा माँ हूँ
जो तूने लिखा
दाता शक्ति दे
कहते हैं लोग सब कलयुग का दोष हैं
हर कोई यहां एहसान फरामोश है
मेरा सवाल कहीं आप भी तो ऐसे नहीं
ओह, मुझे खेद है लेकिन आप भी खामोश हैं
मेरा मकसद किसी को कहना बुरा नहीं
लेकिन आप सही फिर से मना क्यों बुरा भाई
अभी तो हुए बस कुछ ही क्षण हैं
ये तो शुरू गाना हुआ अभी पूरा नहीं
जाने क्यों आजकल अलग ही सनक सूझे
शकल से लगे आइना ना पसंद तुम्हें
क्योंकि ये गीत गाया है बीट के लिखा है तुमपे
पहले दोष देने वालों पे, बाकी बचे हम दूजे
आज कोई सीमा नहीं मुझे खुलके सुनाने दो
क्यों ये जमाना ही दोष देता है जमाने को
क्यों ये लोग ही कहते हैं कि लोग क्या कहेंगे
इन्हें बोलो बातों की बत्ती बनाओ हमें जाने दो
मुझे गाने दो खुदा भी मेरा सुनेगा
सच सुनाने दो ना डर मुझे लोगों का
मिली शक्ति दिल करम ही चुनेगा
लोग अच्छा बुरा बोलेंगे पड़े फर्क ना दोनो का
इतनी शक्ति देना मुझे दाता तू
नेक रहे इरादा इस-से मांगूं ज्यादा क्यों
रोज़ मैं सोचूं ऐसा कर पता यूं की
लोगों के रख गम खुद खुश हो सकता है
बातूं खुशियां बातूं प्यार मैं
तो फिर कैसा कमज़ोर होगा विश्वास ये
ना जाता मैं भूल सातिक ये असूल
तो फिर भूल के भी भूल कैसे करूं इस रास्ते में
वास्तव में अब इंसानियत पे ना भरोसा
धर्मों का जाल यहां जैसा सबको है दबाओचा
मुझे तो ना पल्ले पड़ती बातें सारी
वो कहते खा ना कसम पर मुख्य व्रत पे जैसा रखा रोजा
होता वाद विवाद आजकल बिना बात
मरके होना अमर न कि बन्न जीना लाश
मेरा हिपहॉप ही राम मैं जैसा पवन पुत्र
जप करूं सुबह शाम देखलो सीना काट
एक ही लक्ष्य याद आऊं जाने के बाद भी
हो सबका भला ख्वाहिश ये आखिरी
मुट्ठी बंद थी दुनिया में आते वक्त तो
हो कैसे यकीनन लकीरों पे समझ आये बात नहीं
हो सकता है जो सच हो दुनिया की नज़रों से
वो हो झूठ और तुम अंश हो किसी ज़रूरी के
ये दुनिया कौन चलाये किसी को नहीं मालूम क्योंकि
जिसको तुम जानो वो हैं पत्थर जिसके घर सारे के
ये तो बातें थी सारी आख़िर में मैं भी तो हूँ इंसान
जीना भ्रम में बधावा देना मिथ्या को बिन जान
बस यही काम मेरा मेरा पथ ना है सत्य का
अहं ब्रह्मास्मि मैं विष्णु मैं ही शिव मैं हूं इंसान
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