
जन्मे अवध में राम मंगल गाओ री
दो सबको ये पैगाम घर घर जाओ री
कौशल्या रानी को सब दो बधाई
आई रे आई घडी शुभ ये आई
मिलके चलो रघु धाम
संग मेरे आओ री
राम लला के दर्शन करलो
पग पंकज पे माथा धरलो
पावन है इनका नाम
पल पल ध्याओ री
दशरथ के अंगना बजी शहनाई
दुल्हन के जैसी अयोध्या सजाई
खुशियों की है ये शाम
दीप जलाओ री
जिस भजन में राम का नाम ना हो
साईं से अगर एक पल भी
चल दिए कन्हैया कहाँ राधा को छोड़कर
नगरी हो अयोध्या सी
शिव धाम चल कांवरिय
लौंद लाचियाँ मिला के
राधा बन गई न्यायधीश
शिव शंकर चले कैलाश
राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई
भटकता डोले काहे प्राणी
अगर आपको यह भजन अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अन्य लोगो तक साझा करें एवं किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए कमेंट करें।
अगर आपको यह भजन अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अन्य लोगो तक साझा करें।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
