
Jindagi Ka Hisab Lyrics in Hindi and English. जिंदगी का हिसाब |
इस जिंदगी के हिसाब का जवाब वहां देना पड़ेगा
नकाबों के ऊपर नकाब का
हिसाब वहां देना पड़ेगा
कोरा कागज सा दिखता था भोला भाला तू लगता था
भोला भाला तू लगता था भोला भाला तू लगता था
फूलो सी थी मकान तेरी
सुंदरता थी पहचान तेरी
जो तूने लिखी उस किताब का
जवाब वहां देना पड़ेगा
हाँ इस जिंदगी के हिसाब का जवाब वहां देना पड़ेगा
सूरत तेरी रब जैसी थी अब केसी है तब कैसी थी
अब केसी है तब कैसी थी अब केसी है तब कैसी थी
समझदार से यारी कर ली तयारी तूने सारी कर ली
तयारी तूने सारी कर ली
अकलबाजी में पाये खिताब का
सुख को छोड़के दुःख अपनाया चला कहा से कहा पे आया
चला कहा से कहा पे आया चला कहा से कहा पे आया
अब भी समय है वापस आजा चालाकी के पथ पर ना जा
चालाकी के पथ पर ना जा
तेरे कर्मो के गहरे तालाब का
तेरे नाम का सुमिरन
त्रिभुवन विदित अवध जेकर नौआ
सखियां रोवे रघुवर के बिना
गुरु गोविन्द दोऊ खड़े
श्याम से प्रीत लगा ले
पालकी ये दिल की
बालाजी की शरण तू आजा
जिसने भी श्याम से प्रीत लगाई
श्री हनुमान चालीसा
दत्तात्रेय आरती
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