
कबहुँ ना छूटी छठ Kabahu Naa Chhooti Chhath Lyrics – Bharat Sharma Vyas, Alka Yagnik
कबहुँ ना छूटी छठि मइया
हमनी से बरत तोहार
तहरे भरोसा हमनी के
छूटी नाही छठ के त्योहार
अपने सरन में ही रखिह
दिह आसिस हज़ार
गोदिया भराईल छठी मइय्या
बाटे राऊर किरपा अपार
चाहें रहब देसवा बिदेसवा
छठ करब हम हर बार
डूबतो सुरुज के जे पूजे
इहे बाटे हमर बिहार
फलवा दउरवा सजाके
अईनी हम घाट पे तोहार
दिहनी अरघ छठी मईया
करीं हमर आरती स्वीकार
हो दीनानाथ
काँच ही बांस के बहंगीया
केलवा के पात पर
पहिले पहिल
आदित मनाईल
उगह हे सूरज देव
नदिया के तीरे-तीरे
जोड़े जोड़े फलवा सुरुज देव
बेरिया के बेरी तोहे
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