
कन्हैया मेरी जान जा रही Kanhaiya Meri Jaan Jaa Rahi
जब से देखी तुम्हारी बांकी चितवन
कन्हैया, मेरी जान जा रही
अब तो बस में नहीं है ये मेरा मन
अब तो बस में नहीं है मेरा मन
जब से देखी…
हो, जब से देखी तुम्हारी बांकी चितवन
जालिम नजरों का छाया ये सुरूर है
हम हैं आशिक, हमारा क्या कसूर है
तेज चलने लगी है दिल की धड़कन
अश्क बहाने दो, इनको नहीं पोंछना
प्रेम अंसुवन की धारा तुम ना रोकना
हो, अश्क बहाने दो, इनको नहीं पोंछना
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