
जय जय माँ जय जय माँ जय जय माँ
जय जय माँ अम्बे माँ जय जय माँ अम्बे माँ
जीन नजरो ने जीन नजरो ने घर में है पा लिया
कन्या में ही है रूप मायी का
पूजे कन्या को माई को रिझा लिया
पूजे कन्या को माई को रिझा लिया कन्या में ही है रूप मायी का
जीन नजरो ने घर में है पा लिया कन्या में ही है रूप मायी का
जय माँ ...........................आ आ आ आ ..............
देखा नहीं माँ को पर कन्या को देखा है
जिसने बदल दी मेरे भाग्य की रेखा है
जय माँ जय माँ जय जय जय जय माँ
जिसने बदल दी मेरे भाग्य की रेखा है भाग्य की रेखा है
यही सोच से मन को मना लिया यही सोच से मन को मना लिया
कोमल ह्रदय है लेकिन शक्ति अपार है
इनकी ही रचना ये सारा संसार है
हाँ कोमल ह्रदय है लेकिन शक्ति अपार है
इनकी ही रचना ये सारा संसार है सारा संसार है
जैसा चाहा जिसे वैसा ही बना दिया
जैसा चाहा जिसे वैसा ही बना दिया कन्या में ही है रूप मायी का
आ आ आ ......................................
जिस घर बेटियों का होता सम्मान है
दास वो ही घर मानो स्वर्ग समान है
जय माँ जय माँ जय जय जय माँ
हो जिस घर बेटियों का होता सम्मान है
स्वर्ग समान है भेद जिसने ये दिल में बसा लिया
भेद जिसने ये दिल में बसा लिया कन्या में ही है रूप मायी का
देवी स्कंद माता की आरती
कालरात्रि माता की आरती
श्री विश्वकर्मा गायत्री मंत्र
नौ देवी मंत्र
मेरी माँ तूने मुझे बुलाया
मैंने तेरी ज्योत जलाई ओ बाबा मेडी वाले
गोगा जी मैं तेरी शरण में आया
शैलपुत्री माता आरती
माँ चंद्रघंटा की आरती
मां सिद्धिदात्री की आरती
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