
करुणा निदान रउआ जगत के दाता हई
श्री हरि भगवान् रउआ जगत के दाता हई
मति के फेर देनी दिपत के तेर देनी
ये बात सामान रउआ जगत के दाता हई
गृह के मार दियनि गज के उबार लेह्यनई
जाने जहां रउआ जगत के दाता हई
भक्त विदुर घर गयी नी प्रेम से सगवे खाई नी
छोड़ पकवान रउआ जगत के दाता हई
केवट से चरण धोवावनि गिद्ध पति दिहावे लगवनी
मैया सबरी घर गयी नी झूठे बेरन के खायी नी
करके बखान रउआ जगत के दाता हई
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