
(लौट के आओ गजानंद लिरिक्स
तुम कहाँ गये गणराज
तुम्हे ढूंढ रहा जग आज
तुम लौट के आओ ना
गजानन तुम लौट के आओ ना
हाथ जोड़ के तुम्हे मनाऊ
मोतीचूर का भोग लगाऊ
तुम गौरा के हो बड़े लाडले
माँ गौरा की कसम चढाऊ
मोरी सुन लो अरज महाराज
तुम हो देवो के सरताज
रिद्धि सिद्धि के तुम हो दाता
हरो हमारे कष्ट विधाता
हम अज्ञानी मुरख बड़े है
पूजन अर्चन कुछ नही आता
गिरी हम दु:खो कि गाज
भगतो की बचाओ लाज
अरज सुनो गणराजा
गणराया मोरया गजव्धना मोरया
जय जय गणेशा
हे गणपति हे गणराज
हे गणनायक सब सुखदायक
तेरी जय हो गौरी लाल
गणपति आज पधारो
देवा रे मोरे देवा रे
सबसे पहले तुम्हे मनाऊँ
गणपति तेरे चरणों की
श्री सिद्धिविनायक मंत्र और आरती
देवा श्री गणेशा
मेरी विनती सुनो गणराज
गणेश चालीसा
शेंदुर लाल चढ़ाय
घर में पधारो गजानन जी
देवा हो देवा गणपति देवा
गणपति अथर्वशीर्ष
गणेश आरती
तेरी जय हो गणेश
वक्रतुण्ड महाकाय
श्री गणेश स्तुति
सुख हरता दुःख हरता
गणेशा
देवा हो देवा
देवा हो देवा हो
डंका बजा
आरती
मंगल मूर्ति गौरी लाला
प्रथम तुला वंदितो
वीर है गौरा तेरा लाडला गणेश
जय गणेश काटो कलेश
सिद्धिविनायक जय गणपति
मेरी भक्ति में रंग भर जाओ
तुझको आना होगा
रिद्धि सिद्धि के दाता मेरे गणपति
गजाननं भूतगणादि सेवितं
म्हारा कीर्तन में रस बरसाओ बरसाओ
हरिद्रा गणेश कवचम्
आनंद के है दाता गजानन
जय श्री गणेशा हे रक्षण करता
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