
मैया काली कंकाली ।
कालका हो माँ ।।
प्रथम हाथ में ढाल लिए ,
दूजे तलवार ।
तीजे में खप्पर संभाले ,
चौथे में कटार ।।
पांचवे हाथ में गदा लए ,
छटे में त्रिशूल ।
सातवे में मुंड दानव को ,
खेद खेद के मारे माई ,
जोधा बलवान ।
संग लडे दानव के ,
भैरव हनुमान ।।
काली काली लट बिखराए माँ ,
करे धनुष संघार ।
मैया खून पिए जिव्हा से ,
माँ करे किलकार ।।
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