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माँ मेरे नैनों की प्यास बुझा दे लिरिक्स
.हो हो...
शेर पे सवार मेरी शेरांवाली माँ
पहाड़ों में बसी मेरी मेहरावाली माँ
रूप हैं तेरे कई ज्योता वाली माँ
नाम है तेरे कई लाता वाली माँ
जग जननी है मेरी भोली भाली माँ
मेरे नैनों की प्यास भुझा दे
माँ तू मुझे दर्शन दे
अपने चरणों का दास बना ले
दयालु तू है माँ क्षमा कर देती है
सभी के कष्टों को माँ तू हर लेती है
जय कारा शेरां वाली दा
(बोल साचे दरबार की जय)
तू ही जग जननी है तू ही जग पालक है
चराचर की मैया तू ही संचालक है
(तू ही संचालक है, तू ही संचालक है)
अपनी ज्योत में मुझको समा ले
मेरे नैनों की प्यास बुझा दे
दूर अब तुझसे माँ मैं ना रह पाउँगा
प्यास तेरे दर्शन की माँ अब न सह पाउँगा
आसरा एक तेरा बाकि सब सपना है
तेरे बिन हे मैया कोई ना अपना है
(कोई ना अपना है, कोई ना अपना है)
मेरे पैरों में पड़ गए छाले
अब तो मुझे दर्शन दे
जय माँ… हो माँ शेरावाली माँ
मेहरावाली माँ…
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