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Milta Hai Sachcha Sukh

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॥ श्री ॥

मिलता है सच्चा सुख केवल, भगवान तुम्हारे चरणों में।

यह विनती है पल-पल छिन-छिन, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥

॥ अंतरा 1 ॥

चाहे बैरी सब संसार बने, चाहे जीवन मुझ पर भार बने।

चाहे मौत गले का हार बने, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥

(मिलता है सच्चा सुख केवल…)

॥ अंतरा 2 ॥

चाहे अग्नि में मुझे जलना हो, चाहे काँटों पे मुझे चलना हो।

चाहे छोड़ के देश निकलना हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥

॥ अंतरा 3 ॥

जिव्हा पर तेरा नाम रहे, तेरा ध्यान सुबह और शाम रहे।

॥ हरि ॐ ॥ 🧘‍♂️हम सारी जिंदगी सुख

) ढूंढने में बिता देते हैं। कभी पैसे में, कभी रिश्तों में, तो कभी सफलता में। लेकिन क्या वहां ‘सच्चा’ सुख मिलता है?

भजन “मिलता है सच्चा सुख केवल, भगवान तुम्हारे चरणों में

) हमें जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई बताता है। यह भजन नहीं, एक ‘मरहम’ है। जब दुनिया की भीड़-भाड़ से मन थक जाए, तो यह गीत आपको वापस अपनी जड़ों और ईश्वर से जोड़ता है।

इसे अक्सर स्कूलों की प्रार्थना में या सत्संग के अंत में गाया जाता है। इसकी पंक्तियाँ “चाहे वैरी सब संसार बने, प्रभु तू ना हमें बिसराना” इतनी शक्तिशाली हैं कि गाते वक्त आँखों में आंसू आ ही जाते हैं। यह हमें सिखाता है कि अगर ईश्वर साथ है, तो दुनिया की कोई भी ताकत हमें तोड़ नहीं सकती।

आइए, दो पल शांति के निकालें और इस प्रार्थना में खो जाएं।जानकारी

)विवरण

)भजन का नाममिलता है सच्चा सुख

)शैली

)प्रार्थना / शांति

)मुख्य भावसमर्पण और सांत्वना

)प्रसिद्धिस्कूल प्रार्थना और शोक सभाओं मेंसन्देशईश्वर ही एकमात्र सहारा है

तेरी याद तो आठों याम रहे, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥

॥ अंतरा 4 ॥

कानों में तुम्हारे बोल रहें, दृग में भी तुम्हारा डोल रहे।

मन में भी तुम्हारी याद रहे, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥

इस प्रार्थना के शब्द बहुत गहरे हैं:

सच्चा सुख

): सांसारिक सुख (गाड़ी, बंगला) अस्थायी है, लेकिन ईश्वर के चरणों में जो शांति है, वही ‘सच्चा सुख’ है जो कभी खत्म नहीं होता।

वैरी

): दुश्मन। भक्त कहता है कि भले ही पूरी दुनिया मेरी दुश्मन बन जाए, मुझे परवाह नहीं, बस आपका हाथ मेरे सिर पर रहे।

आठों याम

): एक दिन में 8 पहर (3-3 घंटे के) होते हैं। यानी 24 घंटे मुझे बस आपकी ही याद आए।

पल-पल छिन-छिन: हर एक सेकंड।

“मिलता है सच्चा सुख” हमें डर से मुक्ति दिलाता है। यह भजन हमें एहसास कराता है कि हम शरीर नहीं, आत्मा हैं और हमारा असली घर ईश्वर के चरण हैं।

जब भी आप अकेलापन महसूस करें, इस भजन को गुनगुनाएं। यह आपको अंदर से बहुत मजबूत बना देगा।

🙏 जय श्री हरि! 🙏 क्या यह प्रार्थना आपको भी सुकून देती है? कमेंट में

” लिखकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करें।

– जय हनुमान ज्ञान गुन सागर

॥ जय हो ॥

हिंदी · Read on Bhajan Baan

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

Milta Hai Sachcha Sukh Lyrics is a chalisa dedicated to Hanuman Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Milataa hai sachchaa sukh keval, bhagavaan tumhaare charanon mein|", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

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