
Mitha Lage Bhilni Ra Bor
– मीठा लागे भीलनी रा...
मीठा लागे भीलनी रा बोर,
ओ लक्ष्मण भैया,
मीठा लागे सबरी रा बोर ।
छोटे भैया मीठा लागे भीलनी रा बोर ।
इण वन खण्ड में भैया,
कबहुँ न आया ।
फिर गया चारूं ओर ओ लक्ष्मण भैया,
इण बोरां में भैया,
केई – केई मीठा ।
खांडी है जिण री कोर ओ लक्ष्मण भैया,
एड़ा – एडा बोर देती,
मात कौशल्या ।
जिण री रचना है और ओ लक्ष्मण भैया,
तुलसीदास शबरी बड़ भागण ।
घर आया राज किशोर ओ लक्ष्मण भैया,
– चेला वही चीज लाना रे
– राजस्थानी भजन
– सांवरे से मेरी मुलाकात हो गयी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

