
निर्जल उपवास कानी पानी निरहार हो
तीज के व्रत हम हो उठावनी त्यौहार हो
कौशल कौशल ऱखिया हा शिव सिंदूरवा हमार हो
रखी हैं सोलहा मत जी शिव जी सिंदूरवा हमार हो
जैसे देवेला शिव जी गौरा के प्यार हो
वैसे ही माने हमके पियावा हमर हो
आरती में दिखवनी थाली में दिया डालके हो
ऐसे ही बनल रही हमार परिवार हो
पियावा हमार बसे हमरा धड़कन में
हमार संसार बाटे उनके चरण में
भेज दे अब हीरा मोती सारा रे गवनवा सजनवा
कैसे टेजब रे छोटी बहिनी
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