
श्री राम प्रभु का क्या कहना भजन लिरिक्स|
( राम का नाम जिसकी जुबा पे आया है,
प्रभु ने बाहे फैलाके उसने अपनाया है,
मुक्ति का हो गया अधिकारी वो,
भर के मस्ती में जिसने राम गुण गाया है। )
श्री राम प्रभु का क्या कहना,
वो प्रीत की रीत निभाते है,
शबरी के झूठे बेर प्रभु,
बड़े भाव चाव से खाते है,
संग सीता लखन है, गंगा पार जाना है,
भक्त केवट को तारने का ये बहाना है,
राम के चरणों का दीवाना वो पुराना है,
चरण धोके उसे चरणामृत भी पाना है,
लगन हनुमान जी ने राम से लगाई थी,
राम का नाम जपके भक्ति ऐसी पाई थी,
करी बजरंगी की प्रभु जी ने बढ़ाई थी,
राम सीता की मूरत सीने में भी पाई थी,
राम का नाम साँचा प्रीत जग की झूठी है,
राम से दूर जो तकदीर उसकी फूटी है,
अलग जो राम से सांस इक छुटी है,
सदा भूलन ने राम नाम घुट घुटी है,
, राम भजन,भगवान श्री राम के भजन, भगवान श्री राम,जय श्री राम
और भी ऐसे ही मधुर भजनों की लिरिक्स के लिए हमारी वेबसाइट को विजिट करते रहे|
इस भजन को आप अपने मित्रगणों के साथ शेयर करिए|
यदि आप भी हमें कोई भजन या अन्य उपयोगी सामग्री भेजना चाहे नीचे दिए गए बटन का प्रयोग करे|
आप को मारवाड़ी भजन डॉट कॉम की और से सादर जय सियाराम
हमें भेजिए
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

