
Rachai Srishti ko jis Prabhu ne Lyrics in Hindi and English. रचाई सृष्टि को जिस प्रभु ने |
रचाई श्रृष्टि को जिस प्रभु ने वही ये श्रृष्टि चला रहे है
ज पेड़ हमने लगाया पेहले उसी का फल हम अब पा रहे है
खाटू श्याम जी का मधुर भजन: भरोसा है तुझपे
इसी धरा से शरीर पाए इसी धरा में फिर सब पाए,
है सत्य नियम यही धरा इक आ रहे है इक जा रहे है
जिहनो ने बेजा जगत में जाना तेह कर दिया लोट कर फिर से आना
जो बेजने वाले है धरा पर वही फिर वापिस बुला रहे है
खाटू श्याम जी का मधुर भजन: जब जब भी पुकारोगे
बैठे है जो धान की बालियो में समाये मेहँदी की लालियो में,
हर ढाल हर पत्ते में समा कर रंग बिरंगे फूल खिला रहे है
श्री विष्णु स्तुति अनुराधा पौडवाल जी द्वारा
मेरी बांह पकड़ लो
एक भक्त की भक्ति
हम चले झुंझनू धाम
वैष्णव जन तो तेने कहिये
इतना तो करना स्वामी
तू दयालु दीन मैं
श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्रम्
मधुराष्टकम्
ॐ जय जगदीश हरे
अगर आपको यह भजन अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अन्य लोगो तक साझा करें एवं किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए कमेंट करें।
अगर आपको यह भजन अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अन्य लोगो तक साझा करें।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


