Skip to content

Shiv Shankar Ko Jisne Puja

20
॥ श्री ॥

शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका बेड़ा पार हुआ।

अंत काल को भव सागर में, उसने नहीं गोते खाए।

(शिव शंकर को जिसने पूजा…)

भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो।

हर हर महादेव शिव शम्भु, हर हर महादेव शिव शम्भु, का जिसने भी नाम लिया…

उसका बेड़ा पार हुआ… (शिव शंकर को जिसने पूजा…)

ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है, शिव ही सुंदर है।

जागो उठ कर देखो, जीवन ज्योत उजागर है।

सत्यम शिवम सुंदरम, सत्यम शिवम सुंदरम, को जिसने भी पहचान लिया…

॥ हर हर महादेव! ॥ 🔱 क्या आपको याद है वह दौर जब गुलशन कुमार

) की ‘शिव महिमा’ फिल्म टीवी पर आती थी और यह भजन बजता था?

) केवल एक गीत नहीं, बल्कि करोड़ो भक्तों का ‘विश्वास’ है। हरिहरन जी की दमदार आवाज़ में गाया गया यह भजन हमें यकीन दिलाता है कि जो शिव की शरण में है, उसका बुरा कभी नहीं हो सकता।

इस भजन की सबसे खास लाइन है “अंत काल को भव सागर में, उसने नहीं गोते खाए”। इसका मतलब है कि शिव भक्त को जीवन-मृत्यु के चक्र में भटकना नहीं पड़ता, शिव जी उसे खुद पार लगाते हैं।

अगर आप जीवन में संघर्ष कर रहे हैं, तो इस भजन को सुनें। यह आपको नई ताकत

) और उम्मीद

) देगा।जानकारी

)विवरण

)भजन का नामशिव शंकर को जिसने पूजा

)फिल्म / एल्बमशिव महिमा

)गायक

)हरिहरन

)संगीतकारअरुण पौडवालशैली

)प्रेरणादायक / भक्ति

)मुख्य संदेशशिव शरण में मोक्ष

राम नाम में लीन हैं जो, वो रघुकुल नंदन हैं।

जिनके मन मंदिर में, शिव जी करते क्रंदन हैं।

पुरुषोत्तम उस राम भक्त, पुरुषोत्तम उस राम भक्त, का शिव ने सम्मान किया…

बेड़ा पार हुआ…

इस भजन के शब्दों में छिपा विश्वास समझें:

): इसका अर्थ है जीवन की नैया पार लग जाना। यानी सभी मुसीबतों से छूटकर सफलता और मोक्ष मिलना।

गोते खाए

): जो शिव की शरण में नहीं होते, वे संसार रूपी सागर

) में डूबते-उतराते रहते हैं (दुख झेलते हैं), लेकिन शिव भक्त आराम से पार हो जाता है।

राम नाम में लीन: यहाँ बताया गया है कि शिव जी स्वयं भगवान राम का ध्यान करते हैं। शिव और राम एक दूसरे के पूरक हैं।

“शिव शंकर को जिसने पूजा” हमें याद दिलाता है कि शिव भक्ति में कितनी शक्ति है। यह भजन केवल बुजुर्गों के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए है जिसे जीवन में एक मजबूत सहारे की जरूरत है।

इसे सुनते समय

थोड़ी तेज रखें, आपको एक अलग ही

महसूस होगी!

🙏 हर हर गंगे! 🙏 क्या यह भजन आपको भी मोटिवेट करता है? कमेंट में

” लिखना न भूलें!

॥ जय हो ॥

हिंदी · Read on Bhajan Baan

Share this bhajan with your family

Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

Sponsored
Devotional partner
Advertisement

About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

Shiv Shankar Ko Jisne Puja Lyrics is a bhajan dedicated to Shiva Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Shiva shankar ko jisane puujaa, usakaa bed", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

If you enjoy this composition, explore more bhajan bhajans below. Each one is curated to help you build a devotional reading list that suits your tradition, mood, and occasion.

More bhajans you may like

See all