
तन खा गई ये तनखा
कच्चा घड़ा हूँ मैं
आशाएँ खिले दिल की
मैं तैयार हूँ
करने से होगा
ऊँगली थामे
ऊँची है दीवारे लम्बी है डगर
ना है हम राही ना है हम सफर
ना है हम रही ना है हम सफर
होसलो के दम पर जिंदगी की राह में
तू बढ़ता चल तू बढ़ाता चल
कदम से कदम मिलाता चल
तेरा तू ही है सरताज
मेरी गाल सुन बन्दे यार
वक्त तेरा ना है मोहताज
काले नकाब में है मुश्किले ये जितनी भी
आइना जूनून का इनको दिखाना है
कालिक बिछी है जो मंजिलो की राहो में
कदमो से अपने अब इनको मिटाना है
पिंजरे को तोड़कर पंख खोलकर भर ले एक उड़ान
जिन्दा उमीदो का लेकर फैसला
कोशिसो में खोवाहिसो का ऐसा रंग तू घोल दे
जीके रंग में रंग जाए ये दुनिया
करके बुलंद इन होसलो को हासिल कर अपना मका
तेरी जीत के आगे झुक जाये दुनिया
रखना नहीं है अब तुझको हासिल होगा वह सब तुझको
पथरीली रहो में विश्वास के सहारे
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