
तुम प्रेम हो TUM PREM HO LYRICS – RADHA KRISHN | STAR BHARAT
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो
मेरी बांसुरी का गीत हो
मनमीत हो राधे
मेरी मन मीत हो
तुम हृदय में प्राण में
कान्हा…
निशदिन तुम्ही हो ध्यान में
हर रोम में तुम हो बसे
तुम स्वास के आह्वान में
तुम प्रीत हो तुम गीत हो
मनमीत हो कान्हा
मेरे मनमीत हो
हूँ मैं जहाँ तुम हो वहाँ… राधा…
हूँ मैं जहाँ तुम हो वहाँ
तुम बिन नहीं है कुछ यहाँ
मुझमें धड़कती हो तुम्ही
तुम दूर मुझसे हो कहाँ
पावन प्रणय की रीत हो
परमात्मा का स्पर्श हो… राधे..
परमात्मा का स्पर्श हो
पुलकित हृदय का हर्ष हो
तुम हो समर्पण का शिखर
तुम ही मेरा उत्कर्ष हो
मेरी भावना की तुम
राधे जीत हो
राधा… कृष्णा…
कृष्णा… राधा…
कर्मण्येवाधिकारस्ते
भज गोविन्दम्
कितना प्यारा है श्रृंगार
श्री गोवर्धन महाराज
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
बनवारी रे जीने का सहारा तेरा नाम रे
फूलों में सज रहे हैं
राधे राधे
मैं आरती तेरी गाऊं
एक राधा एक मीरा
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