
वो तो हमने नेहत बुला लई,
वो दुर्गे पाहुनीया, पाहुनीया ।।
कहाँ से आ गई मैया देवी ओ जालपा ,
कहाँ से आ गई हिंगलाज ।। दुर्गे पाहुनीया ।।
अगम से आ गई देवी हो जालपा,
पश्चिम से आ गई हिंगलाज ।। दुर्गे पाहुनीया ।।
कहाँ उतारूँ मैया देवी वो जालपा ,
कहाँ उतारूँ हिंगलाज ।। दुर्गे पाहुनीया ।।
अंगना उतारूँ मैया देवी वो जालपा ,
मढ़िया उतारूँ हिंगलाज ।। दुर्गे पाहुनीया ।।
कहाँ चढ़ाऊँ मैया देवो हो जालपा,
कहाँ चढ़ाऊँ हिंगलाज जी ।। दुर्गे पाहुनीया ।।
नारियल चढ़ाऊँ मैया देवी हो जालपा ,
नींबुवा चढ़ाऊँ हिंगलाज ।। दुर्गे पाहुनीया ।।
सुमर सुमर मैया तेरो जस गाउँ ,
रखियो चरण चितलाऊँ वो ।। दुर्गे पाहुनीया ।।
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