
अज फुल्लां दे नाल होली खेलांगे
अज फुल्लां दे नाल होली खेलांगे
धुन- चरख़ा चन्नण दा
( जय हो होली खेलांगे, छावा होली खेलांगे )
बरसाने आए मुरार, होली खेलांगे ॥
मेरा कृष्ण मुरार कन्हैया, चोरी चोरी आवे ॥
सब सखीयां नाल, होली खेले,
सब नु रंग लगावे, होली खेलांगे...
पीताम्बर वरगे पीले पीले, फूल मैं तोड़ ल्याई ॥
फुल्लां दी मैं माला बनाई,
मोहन दे गल विच पाई, होली खेलांगे...
बरसाने दी गालियां दे विच, राधा रंग उड़ावे ॥
इकठियाँ हो के फड़ लो सखियों,
शाम सुक्का ना जावे, होली खेलांगे...
रंग बिरंगे रंगा दे नाल, रंगी धरती सारी ॥
जुगल जोड़ी सरकार ए मेरी,
रंगा नल श्रृंगारी, होली खेलांगे...
चोरा दा सरताज़ कन्हैया, चोरी चोरी आवे ॥
चोरी मखन चोरी दिल दी,
चोरी रंग उडावे, होली खेलांगे...
अपने भगता उत्ते शामा, रंग ज़रा तू पावीं ॥
कीर्तन दे विच आ के शामा,
सब नु दर्श दिखावीं, होली खेलांगे...
राधे राधे
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