
अब कहां जाओगे मैंने राखे श्याम पकड़ के
Ab Kahaan Jaaoge Mainne Raakhe Shyaam Pakad lyrics
अब कहां जाओगे मैंने राखे श्याम पकड़ के
अभी मैंने बाँध लिया कस कस के
जल भरने जब गई गुजरियां
साकर कुंडा झड़ के
बाहर से सब ग्वाल सखा संग आयो मोहन घर पे
खिड़की खोल मटकिया फोड़ी खाओ फिर भर भर के
इतने में फिर आई गुजरियां मटके में जल भर के,
कुंडा खोल के देखा अन्दर बैठे माखन लेके
पकड़ लिया फिर मनमोहन को
जल्दी मटका धर के
बोले मन मोहन ग्वालिन से मैं नही माखन खायो
घर में तेरे घुसी थी बिल्ली उसको मार भगायो
आया बुरा जमाना मैं पश्ताया नेकी कर के
बोली ग्वालिय्न क्यों रे कारे बिल्ली कहा से आई
ग्वाल बाल और तेरे मुख में माखन क्यों लिपटाई
अब न छोडू तोहे कारे
लेकर चलू झकड़ के
की चलाकी मनमोहन ने गवाल हाथ पकडाया
मन ही मन मुस्काये मोहन इसको खूब छकाया
दोड़े दोड़े आये कन्हियाँ मैया गोदी चढ़ के
घुंघट मारे आई गुजरियां दरवाजा खटकाया
देख यशोदा तेरा लाडला हाथ मेरे अब आया
कहा यशोदा ने तू लाइ अपना पूत पकड़ के
तू चली जा गोरी तू अपनी गली पकड़ के
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